मास्टरमाइंड छांगुर पर ED का शिकंजा, 100 करोड़ से ज्यादा की हवाला फंडिंग, ईडी ने बलरामपुर में 12 और मुंबई में दो ठिकानों पर छापेमारी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के उतरौला में धर्मांतरण और हवाला फंडिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने बलरामपुर में 12 और मुंबई में दो ठिकानों पर छापेमारी की है। जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पर हवाला के जरिए 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग हासिल करने का आरोप है। एटीएस ने 10 जुलाई से 7 दिनों तक लगातार मांग पर इस अवैध कारोबार से जुड़े उसके करीबियों और दोस्तों के बारे में जानकारी हासिल की थी। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने छांगुर के इन 14 ठिकानों पर सुबह 5 बजे एक साथ छापेमारी की है।

प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई से धर्मांतरण के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की फंडिंग और हवाला फंडिंग से जुड़े राज खुलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी यूपी एटीएस द्वारा सौंपे गए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है। एटीएस रिमांड के दौरान छांगुर ने अपने गिरोह के हवाला नेटवर्क, संदिग्ध बैंक लेनदेन और विदेशी फंडिंग के बारे में कई अहम इनपुट दिए थे। उसने अपने करीबी सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी, जो धर्मांतरण और अवैध फंडिंग में उसकी मदद करते थे। बलरामपुर जिले के जिन 12 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रहा है, वे छांगुर के करीबी सहयोगियों और कथित सहयोगी संगठनों के बताए जा रहे हैं। ईडी की टीम ने यहाँ से कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। वह लोगों से बैंक खातों और लेन-देन के बारे में पूछताछ कर रही है।

वहीं, इस रैकेट के महाराष्ट्र से भी जुड़े होने की सूचना पर मुंबई में दो जगहों पर छापेमारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि यहाँ से हवाला के ज़रिए विदेशों से भारी मात्रा में पैसा भारत लाया गया है। फिर इसका इस्तेमाल यहाँ धर्मांतरण और अवैध गतिविधियों के लिए किया गया है। मुंबई के इन ठिकानों से विदेशी खातों और संदिग्ध एनजीओ लिंक की जानकारी की जाँच की जा रही है। 7 दिन की रिमांड पर लिए गए छांगुर से पूछताछ में एटीएस को पता चला है कि बहराइच के उतरौला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय सफेदपोश लोग उससे रंगदारी वसूलते थे। पिछले 2 सालों में जब से पुलिस और एटीएस की नज़र उस पर पड़ी, उन्होंने छांगुर की मदद के नाम पर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

उन्होंने छांगुर से करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूली और शोरूम भी बनवाए। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में छांगुर ने अपने कई ऐसे करीबियों के बारे में बताया है। लखनऊ में दर्ज मामले में 14 आरोपियों में उसका एक साथी भी शामिल है। जिसकी ज़िम्मेदारी हर विरोध करने वाले का मुँह बंद कराना था। पूछताछ में छांगुर ने बताया कि वह कई बार विदेश यात्रा भी कर चुका है। उसकी आय का कोई स्रोत नहीं है। इसके बावजूद वह महंगी कारों के काफिले के साथ घूमता था।

बलरामपुर के उतरौला थाने में छांगुर के साथियों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूत्रों का कहना है कि एटीएस धीरे-धीरे इन पर शिकंजा कसने लगी है। बाद में कुछ बड़े नामों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एटीएस सूत्रों का कहना है कि छांगुर से पूछताछ में पता चला कि वह लव जिहाद में फंसे युवक-युवतियों को 10 महीने तक दूसरे शहरों में रखकर शरीयत की शिक्षा देता था।

नीतू को खासकर युवतियों के लिए रोल मॉडल के तौर पर पेश किया जाता था। शरीयत पढ़ाने के लिए बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों से मौलवी बुलाए जाते थे, मदरसों में इनकी कक्षाएं अलग से लगती थीं। ताकि वे वहां का माहौल देख सकें। पूछताछ में उसने बताया कि पैसे लेकर धर्म परिवर्तन के जाल में फंसने वाली युवतियां कम उम्र की थीं और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से दूसरे धर्मों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती थी। 6 महीने के अंदर ही इनमें से कुछ को धार्मिक किताबें पढ़ने का ज्ञान भी हो गया था।

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